दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में माल परिवहन एवं परिचालन से प्राप्त आय का विश्लेषणात्मक अध्ययन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में माल परिवहन एवं परिचालन से प्राप्त आय का विश्लेषणात्मक अध्ययन
नागेश मिश्रा1 एवं डॉ. विजय कुमार अग्रवाल2
1 शोधार्थी,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़
2 प्राध्यापक ,वाणिज्य संकाय शासकीय नवीन महाविद्यालय अमलीडीह रायपुर छत्तीसगढ
शोध सारांश : यह शोध दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन में माल परिवहन एवं परिचालन से उत्पन्न आय के विश्लेषणात्मक अध्ययन पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य रेलवे की राजस्व संरचना में इस क्षेत्र की भूमिका, समस्याएँ, अवसर एवं नीति परिवर्तनों के प्रभावों का समग्र मूल्यांकन करना है। अनुसंधान में मिश्र विधि का उपयोग किया गया, जिसमें संरचित प्रश्नावली द्वारा 600 उत्तरदाताओं से प्राथमिक आंकड़े एकत्र किए गए तथा द्वितीयक आंकड़े रेलवे बोर्ड की रिपोर्टों, नीति दस्तावेजों, शोध पत्रिकाओं एवं अन्य प्रासंगिक स्रोतों से लिए गए। आंकड़ों के विश्लेषण हेतु आवृत्ति वितरण, प्रतिशत विश्लेषण, सहसंबंध प्रत्यावर्ती विश्लेषण , घटक विश्लेषण तथा जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि 54.5% उत्तरदाताओं ने परिवहन की वस्तु विविधता को श्रेणी 2 (मध्यम प्रभाव) में रखा, जबकि 55.2% ने बड़ी मात्रा में माल ढुलाई की दक्षता को भी इसी श्रेणी में आँका। रेलवे की माल आय पर प्रभाव डालने वाले प्रमुख कारकों को भी 54.5% उत्तरदाताओं ने मध्यम स्तर पर रेट किया। विश्लेषण में शेड्यूलिंग देरी का F-मूल्य 55.498 और p-मूल्य 0.000 रहा, जो सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, p-मूल्य 0.706 दर्शाता है कि बाजार प्रतिस्पर्धा का माल ढुलाई की विश्वसनीयता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं है। तकनीकी नवाचारों और नीति सुधारों द्वारा आय में क्रमशः 42.9% और 39.5% परिवर्तन दर्शाया गया। निष्कर्षतः, यह अध्ययन सुझाव देता है कि रणनीतिक नियोजन, डिजिटल नवाचार, और लचीले नीतिगत सुधारों के माध्यम से रेलवे माल परिवहन को अधिक दक्ष, प्रतिस्पर्धी और लाभदायक बनाया जा सकता है।
शब्दार्थ : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, माल परिवहन, परिचालन आय, रेलवे राजस्व, नीति विश्लेषण, परिचालन दक्षता, सांख्यिकीय विश्लेषण.