जननी सुरक्षा योजना का सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव: एक क्षेत्रीय अध्ययन
Manuscript Title
जननी सुरक्षा योजना का सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव: एक क्षेत्रीय अध्ययन
डॉ.डिम्पल बंजारा
अतिथि व्याख्याता (समाज शास्त्र)
नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय
मुंगेली (छ.ग.)
सारांश
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित प्रसव हेतु प्रोत्साहित करना है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य जननी सुरक्षा योजना के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों का क्षेत्रीय स्तर पर विश्लेषण करना है। अध्ययन में लाभार्थी महिलाओं, उनके परिवारों तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कारकों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से मूल्यांकन किया गया है।
अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया। प्राथमिक आँकड़े चयनित क्षेत्र की लाभार्थी महिलाओं से साक्षात्कार, प्रश्नावली एवं अवलोकन के माध्यम से संकलित किए गए, जबकि द्वितीयक आँकड़े सरकारी रिपोर्टों, शोध-पत्रों तथा स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों से प्राप्त किए गए। अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि जननी सुरक्षा योजना ने संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि की है, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाया है तथा प्रसव से संबंधित आर्थिक व्यय का आंशिक भार कम किया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता, प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण तथा स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्वास में वृद्धि देखी गई।
यद्यपि योजना के प्रभाव सकारात्मक पाए गए, फिर भी लाभार्थियों तक समय पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान, योजना की जानकारी का अभाव, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना की सीमाएँ तथा प्रशासनिक चुनौतियाँ जैसी समस्याएँ अभी भी विद्यमान हैं। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि जननी सुरक्षा योजना ने सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव डाला है, किन्तु इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा पारदर्शी क्रियान्वयन को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
कुंजी शब्द - जननी सुरक्षा योजना, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, सामाजिक प्रभाव, आर्थिक प्रभाव, स्वास्थ्य जागरूकता।